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मीरा-भाईंदर महापालिका के सामने खतरनाक इमारतों, क्लस्टर आरक्षण और नागरिकों के आवास अधिकारों के लिए 4 जून को ठोस भूमिका प्रस्तुत की गई। सैकड़ों नागरिकों की उपस्थिति में यह आवाज और भी बुलंद हो गई।
इसके तुरंत बाद कमिश्नर साहब के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में खतरनाक इमारतों का फिर से सर्वेक्षण करने, जिन इमारतों की मरम्मत संभव है, उन्हें क्लस्टर आरक्षण से बाहर करने और नागरिकों की इच्छाओं के खिलाफ जबरदस्ती क्लस्टर में शामिल नहीं करने के संबंध में स्पष्ट नीति लेने पर विस्तृत चर्चा की गई। कमिश्नर साहब ने नागरिकों की भावनाओं को समझते हुए फिर से सर्वेक्षण के संबंध में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इस दौरान मीरा-भाईंदर के नागरिकों ने अपने घरों, सुरक्षा और भविष्य की रक्षा के लिए अंत तक लड़ने का स्पष्ट सया।