प्रभु रामचंद्र और रामसेतु के अस्तित्व को नकारते हुए मंथरा को भी शर्मसार कर देनेवाली भूमिका अपनानेवाली कांग्रेस का ही पक्ष जनाब संजय राउत ले रहे हैं। ‘मंदिर वहीं बनाएंगे, तारीख नहीं बताएंगे’ कहकर राउत ने कभी इस आंदोलन का मज़ाक उड़ाया था। प्रभु रामचंद्र के भक्तों के प्रयासों से राम मंदिर एक बार फिर खड़ा हो सका है। मंदिर से जुड़े कथित घोटाले की जांच जारी है। राउत अब बाबर और औरंगजेब के आगे झुक गए हैं, जिसके चलते उन्हें प्रभु रामचंद्र से अधिक रावण प्रिय लगने लगा है। इसलिए इस देश के रामभक्त आपको कभी माफ नहीं करेंगे, ऐसा भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने मंगलवार को कहा।
विकास कार्यों के फंड और पक्षपात को लेकर संजय राउत को बोलने से पहले सोच लेना चाहिए। क्योंकि महाविकास आघाडी सरकार के दौरान भाजपा के 105 विधायकों को उस सरकारने एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी थी। उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते हुए रोज़ सौ करोड़ रुपये वसूली की बात होती थी, लेकिन किसी भी भाजपा विधायक को राज्य के खजाने से एक रुपया भी नहीं दिया गया। आपके कार्यकाल में महाराष्ट्र का विकास पूरी तरह ठप हो गया था। उद्धव ठाकरे के इसी शासन के कारण महाराष्ट्र की जनता ने उन्हें घर बैठा दिया है, ऐसा श्री बन ने कहा।
नसरापूर बलात्कार मामले में दोषी को सजा मिलने के बाद संजय राउत बौखला गए हैं, ऐसा बताते हुए श्री बन ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, बलात्कार की घटनाओं या महिला अधिकारों पर उन्हें बोलने का कोई अधिकार नहीं है। क्योंकि एक माता-बहन को उन्होंने फोन पर अपशब्द कहे थे, जिसे पूरे महाराष्ट्र ने सुना है। स्वप्ना पाटकर नामक महिला को उनका पुस्तक प्रकाशित न हो सके इसके लिए गुंडों के जरिए धमकियां दी गईं। ऐसे में उन्हें महिला सुरक्षा पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
के इस्तीफे की मांग करने का नैतिक अधिकार राउत पहले ही खो चुके हैं। एकनाथ शिंदे और अन्य 40 विधायकों के बल पर ही राउत राज्यसभा सांसद बने थे। वे केवल आधे मत से चुनाव जीते थे। इसलिए पहले स्वयं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दें और फिर दूसरों के इस्तीफे की मांग करें। जनता ने उबाठा गुट को नकार दिया है। जनता के न्यायालय में एकनाथ शिंदे की शिवसेना ही असली शिवसेना है, यह महाराष्ट्र ने स्वीकार कर लिया है, इसलिए अनावश्यक रूप से विरोध करना बंद करें, ऐसा श्री बन ने कहा।
महाराष्ट्र के साथ द्रोह करने का काम संजय राउत ने किया है। संविधान के अनुसार काम करनेवाले देवेंद्र फडणवीस के पीछे 14 करोड़ लोगों का आशीर्वाद है। उन्होंने कभी प्रभु रामचंद्र के हिंदुत्व के साथ द्रोह करके कांग्रेस के साथ बैठने का काम नहीं किया। देवाभाऊ को देशभक्ति सिखाने की कोशिश न करें। देवेंद्र फडणवीस ‘राष्ट्र प्रथम’ की नीति पर काम करते हैं, जबकि आपका महाराष्ट्र विरोध जनता के सामने आ चुका है, यह याद रखें, ऐसा श्री बन ने कहा।
