
हुंडिया परीवार में आनंद और उत्साह का माहौल है। श्री कोंकण शत्रुंजय ठाणे नगर में आदीनाथ श्री मुनिसुव्रत स्वामी श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के सानिध्य में *माझे ठाणे* कोंकण शत्रुंजय श्री ठाणा नगर ग्रंथ के विमोचन का आयोजन २९ जुन २०२५ रविवार के दिन आयोजित किया गया है।मूल रूप से राजस्थान आहोर के और करीब १४० वर्ष से हुंडिया परीवार मुंबई के ठाणे उपनगर में बस गया है। सा. मदनलाल हुंडिया द्वारा करीब ११ लाख साल से वर्तमान तक का जैन इतिहास ग्रंथ के रूप में लिखकर प्रकाशित करने जा रहे हैं।यह आयोजन परम पूज्य आचार्य गुरुदेव श्री यशोवर्म सूरीश्वरजी म. सा. आदी ठाणा साधु साध्वी जी भगवंतों की निश्रा में टेंभीनाका स्थित श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिनालय में होगा। इस अवसर पर मदनलाल जी हुंडिया ने कहा कि *माझे ठाणे* ग्रंथ लिखने की प्रेरणा प. पु सा. श्री जिनांगयशाश्रीजी म. सा. (डिप्पी म. सा.) के अति आग्रह से मीली है । इस पूण्याशाली अवसर पर आमंत्रित अतिथिओं और महानुभावों में पत्रकार जगत में सकारात्मक लेखनी से तटस्थ खबर समाज को देने वाले स्टार रिपोर्ट मेगेज़िन के प्रधान संपादक और ओल इन्डिया जैन जर्नालिस्ट ऐशोशियेशन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री हार्दिक हुंडीया, महाराष्ट्र सरकार के उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ संभाजी शिंदे,श्री नरेश जी म्हस्के, सासंद ठाणे,श्री राजन विचारें पूर्व सांसद ठाणे,
श्री संजय जी केलकर विधायक ठाणे,श्री निरंजन डावखरे (विधान परीषद), श्री सुधीर जी कोकाटे नगरसेवक, श्री बाबूलाल जी भीकमचंदजी नानावटी, उतममचंदजी उम्मेदमलजी सोलंकी, श्री उदयकुमार मांगीलाल जी परमार , श्री जे. के . संघवी उपस्थित रहेंगे।ओल इन्डिया जैन जर्नालिस्ट ऐशोशियेशन आईजा के राष्ट्रीय संस्थापक अध्यक्ष हार्दिक हुंडीया ने कहा की *माझे ठाणे* ग्रंथ जैनों के इतिहास का ऐतिहासिक वर्णन है। ११ लाख सालों का संशोधन करके लेखन करना अपने आप में एक विरलता है। सा. मदनलाल हुंडिया जी की यह पहल समाज को एक नई दिशा प्रदान करेगी और आनेवाली पीढ़ी जैन धर्म के इतिहास से रूबरू होकर जैन धर्म से विस्तृत जानकारी लेंगे।यह ग्रंथ युगों युगों तक अमर रहेगा।
