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पीएम मोदी द्वारा दी गई चेतावनी, खाने का तेल का ज्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए नुकसानदायक:: भारत में अन्य देशों के मुकाबले प्रति व्यक्ति कम इस्तेमाल हो रहा है : शंकर ठक्कर

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Mumbai

अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने बताया इस बात से सभी वाकिफ हैं कि बढ़ता हुआ वजन कई बीमारियों को दावत देता है। इसके लिए खाना पकाने के तेल को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

बढ़ता हुआ मोटापा एवं वजन भारत समेत दुनियाभर की बड़ी परेशानी बन चुका है, जिसको लेकर कदम उठाना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसको लेकर बात की है। उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खाना पकाने के तेल का हद से ज्यादा इस्तेमाल मोटापे के लिए एक अहम फैक्टर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि खाद्य तेल का अत्यधिक सेवन सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहा है और डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए घरों में तेल का सेवन कम करने का आग्रह किया।

फिजिकल इनएक्टिविटी, जंक फूड और दूसरे फैक्टर्स लाइफस्टाइल से जुड़े डिसऑर्डर के लिए जिम्मेदार माने जाते है, लेकिन खाने पकाने के तेल को ज्यादातर मामलों में ध्यान नहीं दिया जाता। नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में इस मसले पर फोकस किया और खाद्य तेल के अत्यधिक इस्तेमाल को बढ़ते मोटापे का एक बड़ा फैक्टर बताया।

युवाओं का मोटापा चिंताजनक

उन्होंने कहा कि खाना पकाने के तेल का हद से ज्यादा सेवन मोटापे की बढ़ती घटनाओं के पीछे एक प्रमुख कारण है। पीएम ने कहा, “देश का हर एज ग्रुप और यहां तक ​​कि युवा भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। और यह चिंता का विषय भी है क्योंकि मोटापे से मधुमेह, हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.”

नरेंद्र मोदी ने लोगों से तेल का सेवन कम करने, साथ ही रोजाना वर्कआउट करने, साथ ही संतुलित और पौष्टिक आहार पर फोकस करने की अपील की, जिससे कई लोगों को आश्चर्य हुआ कि क्या यो मोटापे से निपटने पर केन्द्रित एक योजना है, जिसमें अन्य बातों के अलावा खाद्य तेल के अधिक सेवन को हतोत्साहित करना भी शामिल है।

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे घरों में महीने की शुरुआत में राशन आता है। अब तक अगर आप हर महीने दो लीटर खाना पकाने का तेल घर लाते थे, तो उसमें कम से कम 10% की कमी करें। हम हर दिन जितना तेल इस्तेमाल करते हैं, उसमें 10% फीसदी कमी करें.”

*शंकर ठक्कर ने कहा प्रधानमंत्री की इस बात से हम इत्तेफाक नहीं रखते हैं क्योंकि दूसरे देशों में भारत के मुकाबले प्रति व्यक्ति ज्यादा खाना पकाने के तेल का उपयोग किया जाता है सिर्फ मोटापा या बीमारियों के लिए खाने का तेल जिम्मेदार हो ऐसा किसी भी अध्ययन में पाया गया हो ऐसी जानकारी नहीं है हां यह जरूर है की कुछ विदेशी खाना पकाने के तेलों के इस्तेमाल से भारत में बीमारियां बड़ी है इसलिए हम सरकार से लगातार देसी तिलहन के उत्पादन पर जोर लगाने की मांग करते आ रहे हैं।*

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