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*दिल्ली उच्च न्यायालय ने अमेज़न को ट्रेडमार्क उल्लंघन पर लताड़ा, 39 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया*

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*भारतीय कानूनों की अवहेलना करने में लिप्त कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाएं सरकार : शंकर ठक्कर*

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Mumbai

कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया अमेज़न द्वारा भारतीय कानूनों की बार-बार अवहेलना किए जाने के एक और मामले में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न पर *बेवरली हिल्स पोलो क्लब* ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने के लिए *39 मिलियन डॉलर का जुर्माना* लगाया है। यह फैसला तब आया जब अमेज़न इंडिया प्लेटफॉर्म पर *इसी ब्रांड के समान लोगो वाले वस्त्रों* की बिक्री पाई गई, जिससे कंपनी के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट के उल्लंघन का मामला बना है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अमेज़न (AMZN.O) की एक इकाई को *39 मिलियन डॉलर का हर्जाना भरने का आदेश दिया है, क्योंकि “बेवरली हिल्स पोलो क्लब” ट्रेडमार्क वाले समान ब्रांडिंग के वस्त्र अमेज़न के भारत प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे थे।*

इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि *ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को कड़े ट्रेडमार्क अनुपालन उपायों को लागू करने और ब्रांड की अखंडता की रक्षा करने की सख्त आवश्यकता है।* इस निर्णय का भारत में संचालित ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा और यह रेखांकित करेगा कि प्लेटफॉर्म्स को *नकली और अवैध उत्पादों की बिक्री के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।*

यह निर्णय ब्रांड मालिकों के लिए एक बड़ी जीत है और डिजिटल युग में *भारतीय न्यायपालिका की बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता* को दर्शाता है।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक दिल्ली से भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा अमेज़न का कानूनी उल्लंघनों का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें *नकली उत्पादों की बिक्री, कर चोरी, और भारत के ई-कॉमर्स नियमों का उल्लंघन* शामिल है। बार-बार चेतावनियों और कानूनी कार्रवाई के बावजूद, यह प्लेटफॉर्म छोटे व्यवसायों का शोषण करने लगा रहता है

शंकर ठक्कर ने आगे कहा उपभोक्ताओं को गुमराह करने और भारतीय कानूनों की अवहेलना करने में लिप्त इन विदेशी कंपनियों को केंद्र सरकार द्वारा तुरंत बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।

यह ताजा न्यायालय का निर्णय *अमेज़न की गैर-जिम्मेदार व्यावसायिक प्रथाओं और प्रभावी अनुपालन उपायों को लागू करने में विफलता* का प्रमाण है।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी भरतीया ने कहा भारत में संचालित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को *अपने मंच पर होने वाली अवैध और अनैतिक गतिविधियों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।* अब समय आ गया है कि *सख्त नियामक निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई* की जाए ताकि बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत के व्यापार तंत्र को कमजोर करने और व्यापारियों, उपभोक्ताओं और ब्रांड मालिकों के अधिकारों का उल्लंघन करने से बाज आएं।

*कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT)* ने भारतीय सरकार और नियामक संस्थाओं से आग्रह किया है कि *अमेज़न की बार-बार होने वाली गलत गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें* और भारतीय व्यवसायों को विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों के अनैतिक और अवैध व्यापारिक तौर-तरीकों से बचाने के लिए उचित नीतियां लागू करें।


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