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क्या फिल्म उद्योग के कलाकार हमलावरों और जबरन वसूली करने वालों के निशाने पर हैं? मुंबई प्रतिनिधी

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अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले ने पिछले साल अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई गोलीबारी की घटना की यादें ताजा कर दी हैं। ऐसा लगता है कि फिल्म उद्योग के कलाकार और अभिनेता जबरन वसूली करने वालों के निशाने पर हैं। अतीत में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं।


सलमान ख़ान

१४ अप्रैल २०२४ को अभिनेता सलमान खान के बांद्रा इलाके में गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई गोलीबारी की घटना के संबंध में लॉरेंस और अनमोल बिश्नोई के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अनमोल बिश्नोई ने सलमान खान के घर के बाहर हुई गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।इसके अलावा अनमोल पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के आरोपियों के संपर्क में था।


सुनील पाल

दिसंबर 2024 में अभिनेता-हास्य अभिनेता सुनील पाल का भी अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उनसे 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी और 8 लाख रुपये मिलने के बाद उन्हें मेरठ की सड़कों पर छोड़ दिया। अपहरण गिरोह के नौ सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है।


मुश्ताक खान

नवंबर 2024 अभिनेता मुश्ताक खान का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया, उन्हें एक कार्यक्रम के बहाने मेरठ बुलाया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उसे बिजनौर के चाहसेरी क्षेत्र में रखा और उसी दौरान उसके मोबाइल फोन से दो लाख रुपये पार कर लिए। खान को एक दिन बाद रिहा कर दिया गया और वे मुंबई लौट आये।


शाहरुख खान

सुपरस्टार शाहरुख खान को मुंबई अंडरवर्ल्ड से कई बार धमकियां मिल चुकी हैं और कुख्यात अबू सलेम ने भी उन्हें धमकी दी थी। फिलहाल शाहरुख को वाईप्लस सुरक्षा मिली हुई है।


प्रीति जिंटा

अभिनेत्री प्रीति जिंटा को भी फिल्म चोरी चोरी चुपके चुपके की शूटिंग के दौरान जबरन वसूली की धमकी दी गई थी। धमकी देने वाले लोगों ने प्रीति से 50 लाख रुपये की मांग की थी।


निर्माता दिनेश आनंद और अजीत देवानी

१४ फरवरी २००१ को निर्माता दिनेश आनंद की हत्या छोटा अबू सलेम ने कर दी थी, तथा ३० जून २००१ को अभिनेत्री मनीषा कोइराला के पूर्व सचिव और निर्माता अजीत देवानी की हत्या कर दी गई थी। ऐसा कहा जाता है कि छोटा शकील के साथ विवाद के बाद सलेम ने दोनों की हत्या कर दी थी।


राकेश रोशन

वर्ष २००० में फिल्म “कहो ना…प्यार है” के बाद निर्माता और निर्देशक राकेश रोशन को अबू सलेम से जबरन वसूली की धमकियां मिलीं, जिसके बाद २१ जनवरी २००० को दो लोगों ने उन पर गोलियां चला दीं। उसके बाएं हाथ में गोली लगी और गोली उसकी छाती को छूती हुई निकल गई। घायल होने के बावजूद राकेश रोशन खुद गाड़ी चलाकर सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन पहुंचे और बाद में उन्हें नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया।


निर्माता जावेद रियाज़ सिद्दीकी

निर्माता जावेद रियाज़ सिद्दीकी की १९९४ में अंधेरी यारी रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसे हिंदी सिनेमा में पहली हत्या माना जाता है। उस समय हिंदी फिल्म उद्योग हिल गया था।


निर्माता मुकेश दुग्गल

निर्माता सिद्दीकी की तरह दुग्गल की भी हत्या अबू सलेम ने अंधेरी में कर दी थी। यह हत्या सिद्दीकी की हत्या के तीन साल बाद 8 मार्च 1997 को हुई थी।


गुलशन कुमार

टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की १९९७ में हत्या कर दी गई थी। गुज्जन कुमार मुंबई के अंधेरी स्थित शिव मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम पूजा-अर्चना के लिए जाते थे। उसी समय 12 अगस्त 1997 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाद में कूपर अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इससे पहले उन्हें दो बार धमकी भरे फोन कॉल आ चुके थे।


निर्माता राजीव राय

निर्माता राजीव राय पर १९९७ में हमला किया गया और उनका अपहरण कर लिया गया। अबू सलेम ने पहले भी उन्हें धमकी दी थी। इसके बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई। इस प्रयास को पुलिस सुरक्षा गार्ड ने विफल कर दिया।

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